#Hindi Quote

ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया

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अपनी पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैंने, ठीक उतने ही निकले जितनो को गले लगाया था मैंने
बहुत अंदर तक तबाह कर देते हैं वो अश्क़ जो आँखों से गिर नहीं पाते।
ज़िन्दगी में कुछ ज़ख्म ऐसे होते है जो कभी नहीं भरते बस इंसान उन्हें छुपाने का हुनर सीख जाता है
यदि “Plan-A” काम नही कर रहा, तो कोई बात नही 25 और Letters बचे हैं उन पर Try करों.
आंसू किसी और के दुख को समझता नहीं है, और न ही किसी की खुशी को। - Franz Schubert
प्यार करना हर किसी के बस की बात नही, जिगर चाहिए बर्बाद होने के लिए!
ये दिन भी क़यामत की तरह गुज़रा है ! न जाने क्या बात थी हर बात पर रोना आया.
जिस बात से डर लगता हो, उस क्षेत्र में अपना ज्ञान बढ़ाना आरंभ कर दें, डर भाग जाएगा, डर सदैव अज्ञानता से उपजता है !
कब्रें कितनी भी क्यों न सज जाएं बोल नहीं पातीं, इसलिए जिंदा रहते ही मुस्कुराना सीख लीजिए।
हिम्मत की बात नहीं करिए जब इसकी बात आती है, मैं खुद को भी भूल जाता हूँ।