#Hindi Quote
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ऋतुओं की चादर ओढ़कर तुमने ही मुझे जीना सिखाया बहन तुम्हारी ममता ने सादगी का अमृत पीना सिखाया -- मयंक विश्नोई
तेरे होने से ही मेरे घर परिवार में खुशियां हैं क्योंकि बहना तू मुझे मिला खुशियों का वरदान है।
आजाद रहिए विचारों से लेकिन बंधे रहिये संस्कारों से।
बोलो बहन कैसे कह दूँ कि मैं तुम्हारे बिना सभ्य हुआ, वास्तविकता तो यही है कि तुमसे ही सभ्यताओं का सृजन हुआ है।
तुम पवित्रता की प्रतिमा हो, बहना तुम परिवर्तन की प्रतिभा हो।
अपने विचारों को सकारात्मक रखो, क्योंकि वही तुम्हारे शब्द बनेंगे।
चिंतन करो, चिंता नहीं, नए विचारों को जन्म दो।
मेरे उज्जवल भविष्य के लिए जो त्याग तुमने किया, वैसा त्याग शायद कोई दूसरा नहीं कर पायेगा।
परिवार का तुम पर स्नेह बड़ा, मैं भी तुम पर गर्व करता हूँ बहन तुम्हें खुश रखने का ही मैं अपना धर्म समझता हूँ -- मयंक विश्नोई
बड़ा सोचो, जल्दी सोचो ,आगे सोचो विचारों पर किसी का अधिकार नहीं है” – धीरूभाई अंबानी