#Hindi Quote

निगाहों में मजे थी, गिरे और गिर कर संभलते रहे,

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मैं अकेली हूं लेकिन फिर भी मैं हूं मैं सब कुछ नहीं कर सकती लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूं और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती मैं वह करने से पीछे नहीं हटूंगी जो मैं कर सकती हूं। अकेली
विधा एक कामधेनु के समान है जो हर मौसम में अमृत प्रदान करती है वह विदेश में एक माता के
कश्तियां बदलने की जरुरत नहीं दिशाओं को बदलो तो किनारे खुद ब खुद बदल जाते हैं!
जो सही करने की हिम्मत उसी में आती है जो गलती करने से नहीं डरते है I
हम जो कुछ भी है वह हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बिताया काम करता है तो उसे कष्ट ही मिलता है यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता है या काम करता है तो उसकी परछाई की तरह खुशियों उसका साथ कभी नहीं छोड़ती।
कोई काम शुरू करने से पहले स्वयं से तीन प्रश्न कीजिए मैं यह क्यों कर रहा हूं इसके परिणाम क्या हो सकते हैं और क्या मैं सफल होगा और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जाए तभी आगे बढ़े
निगाहों में मजे थी, गिरे और गिर कर संभलते रहे, हवाओं ने खूब कोशिश की, मगर चिराग आंधियों में जलते रहे।
नजर को बदलो तो नजारे बदल जाते हैं , सोच को बदलो तो सितारे बदल जाते हैं
पहले वह आप पर ध्यान नहीं देंगे फिर वह आप पर हसेंगे फिर वह आप से लड़ेंगे और तब आप दिख जाएंगे ।
सपनों को सच करने से पहले सपनों को ध्यान से देखना होता है.