#Hindi Quote

झूठ और दिखावे की रफ्तार कितनी भी तेज हो, पर मंजिल तक केवल सच ही पहुँचता है

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अगर आपने सफर शुरू कर ही दिया है तो बीच रास्ते से लौटने का कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि वापस आने में जितनी दूरी तय होगी क्या पता मंजिल उससे भी पास हो.
छिड़कके थोड़ा सा विशवास आप अपनी बेहोश हुई ज़िंदगी को
मंजिल दूर और सफर बहुत है, छोटी सी जिंदगी की फिक्र बहुत है,
अगर सुबहे आपकी उदास रहेंगी तो शामे फिर किस आस में
शुद्ध विचार किसी भी जहर से नहीं मरते, और अशुद्ध विचार किसी भी दवा से नहीं रुक
मोहब्बतों में दिखावे की दोस्ती न मिला अगर गले नहीं मिलता तो हाथ भी
घर की बाते जब मोहल्ले में पहुंच जाएंगी तो जमे जमाए घर की
सच को तो तमीज़ ही नहीं बात करने की, झूठ को देखो कितना मीठा बोलता है!
दुनिया से दोस्ती अच्छी है मगर भगवान की यारी की तो
दिखावे के शरीफ बनने की आदत नही है हमारी, शब्द चाहे जैसे भी हो खुलेआम बोलते है।