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ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।

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ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी।
ज़िंदगी में कभी खुद से तो कभी सब से लड़ना पड़ता है ज़िंदगी क्या है, इस सवाल को पहले समझना पड़ता है।
आशाओं के दीपक ही जीवन में अंधकार को मिटाते हैं
लोग जो अपनी जिन्दगी का नियंत्रण अपने हाथो में नहीं लेते उनका नियंत्रण समय के हाथो में चला जाता है
ज़िन्दगी एक ढलती शाम की तरह है, जिसमें कहीं उथल-पुथल है, तो कहीं थोड़ा आराम भी
खुशियों का कोई रास्ता नहीं होता, खुश रहना ही इसका सबसे बड़ा मंत्र है..।
ज़िन्दगी भर नहीं दूंगा।
यदि आपके पास जो कुछ है उससे आप संतुष्ट और खुश हो तो आप दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हो..।
याद रहे ये ज़िन्दगी तुम्हें हारने का मौका तब तक नहीं देगी, जब तक तुम खुद न हार मान लो।
ज़िन्दगी तेरे भी कितने नखरे है, एक दिन हँसाकर महीनों रुलाती है।