#Hindi Quote

भूल होना प्रकृति है, मान लेना संस्कृति है, और सुधार लेना प्रगति है!

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जीवन में अगर कोई आपके किये हुए कार्य की तारीफ़ न करे तो चिंता मत करना, क्यूंकि आप उस दुनिया में रहते है, जहाँ जलता तो तेल और बाती है पर लोग कहते है की दिपक जल रहे है!
कोई तुम्हारा साथ न दे तो गम न कर, खुद से बड़ा दुनिया में कोई हमसफ़र नहीं होता!
आज के समय, लोग अपने ज़िंदगी के तकलीफो, समस्याओ में कुछ इस तरह उलझे है, की उन्हें अपनी ज़िदगी के सही निर्णय लेने की समझ ही नहीं रही|
हिम्मत की बात नहीं करिए जब इसकी बात आती है, मैं खुद को भी भूल जाता हूँ।
जिस बात से डर लगता हो, उस क्षेत्र में अपना ज्ञान बढ़ाना आरंभ कर दें, डर भाग जाएगा, डर सदैव अज्ञानता से उपजता है !
आपकी प्रगति धीमी है या बार बार गलती हो जाती है, तो चिंता मत करे क्यूंकि आप उनसे आगे है जो प्रयास ही नहीं करते!
हार मत मानो, हंमेशा अगला मौका ज़रूर आता है!
जिसे हारने का डर है, उसकी हार निश्चित है!
अंधेरो से घिरे हो तो घबराए नहीं, क्यूंकि सितारों को चमकने के लिए, घनी अँधेरी रात ही चाहिए होती है, दिन की रौशनी नहीं!
एक व्यक्ति द्वारा स्वामी विवेकानंद से पूछा गया, सब कुछ खोने से ज्यादा बुरा क्या है ? स्वामी जी ने उत्तर दिया की “वो ऊमीद खोना जिसके भरोसे पर हम सब कुछ वापस पा सकते है!