#Hindi Quote
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दर्द, गम, डर जो भी है बस तेरे अंदर हैं, खुद के बनाये पिंजरे से निकल कर देख, तू भी एक सिकंदर हैं
जिस व्यक्ति के अंदर स्वयं को खोने का डर नहीं है, जो इससे मुक्त हो चुका है, वही प्रेम को जान सकता है, वही प्रेम बन सकता है।
सफलता उन्हीं को मिलती है, जो असफलता से डरते नहीं हैं
जो मनुष्य इसी जन्म में मुक्ति प्राप्त करना चाहता है, उसे एक ही जन्म में हज़ारों वर्षों का काम करना पड़ता है।– स्वामी विवेकानंद
भगवान सिर्फ उन्हीं की सहायता करता है जो लोग खुद अपनी सहायता स्वयं करते हैं।– स्वामी विवेकानंद
तुम लड़ो, तुम मेरी बहन की रक्षा करो छू न जाये ये दर्द मुझे, इस चिंता में इतना डर क्यों?
मेहनत सीढ़ियों की तरह होती है और भाग्य लिफ्ट की तरह। लिफ्ट तो किसी भी समय बंद हो सकती है, पर सीढ़ियाँ हमेशा ऊंचाई की ओर ही ले जाती हैं!
यदि तुम सूर्य को खो बैठने पर आँसू बहाओगे तो तारों को भी खो बैठोगे।– रवीन्द्रनाथ ठाकुर
जब भाई का साथ है तो हौसले बुलंदियां छूने से नहीं डर सकते हैं।
तू भी वही कर जो घड़ी करती है, चलते रह आज नहीं तो कल सफलता जरूर तेरे कदम चूमेगी!