#Hindi Quote

मैं उस दरख्त की तरह हूं जिसके पत्ते रोज गिरकर जमीन पर बिखर जाते हैं, लेकिन वह हवाओं से अपना रिश्ता कभी नहीं बदलता।

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सभी की खुशियों का ख्याल रखते-रखते हम बड़े हो जाते हैं फिर एक दिन अचानक ही अपनी खुशी गायब हम पाते हैं।
जो बहार की सुनता है वो बिखर जाता है, जो भीतर भी सुनता है वो सवर जाता
जिंदगी मिलती सबको एक सी है बस इसे जीने के तरीके अलग होते हैं।
सूरज और चांद की ख्वाहिश नहीं मुझे जहां दिल को सुकून मिले वहीं मेरे खुदा का दर है।
लोग गिरे हुए मकानों की ईंटें तक चुरा ले जाते हैं इसलिए अपने हौसलों को कभी गिरने मत दो।
हम बेशक दिखते अकेले हैं, लेकिन अपने आप में ही एक कारवां साथ लिए चलते हैं।
हवाओं के भरोसे मत उड़,चट्टाने तूफानों का भी रुख मोड़ देती हैं,अपने पंखों पर भरोसा रख,हवाओं के भरोसे तो पतंगे उड़ा करती हैं ये शायरी कहती है कि खुद पर भरोसा रखना सबसे ज्यादा जरूरी है।
किसी से नफरत रखने में उतना मजा नहीं है जितना उसे माफ कर भुला देने में है।
एक पतंग की तरह उड़ना सीखो, जो उड़ती तो आजाद है लेकिन संस्कारों की डोरी साथ लेकर।
मुश्किलों में कोई साथ न दे तो मायूस न होना इस जिंदगी में खुद से बढ़कर कोई हमराही नहीं।